ब्रेक-ईवन कैलकुलेटर
जानें कि अपने फिक्स्ड खर्च निकालने के लिए आपको हर महीने कितनी यूनिट बेचनी हैं – और मनचाहे मुनाफे के लिए कितनी और।
| ब्रेक-ईवन बिक्री की रकम | |
| हर यूनिट का कंट्रीब्यूशन | |
| कंट्रीब्यूशन मार्जिन | |
| हर दिन यूनिट (26 कामकाजी दिन) | |
| टारगेट मुनाफे के लिए ज़रूरी यूनिट | |
| टारगेट मुनाफे के लिए ज़रूरी बिक्री | |
| अनुमानित बिक्री पर मुनाफा | |
| मार्जिन ऑफ सेफ्टी |
इतनी यूनिट से कम बिकने पर महीने में घाटा होता है; इसके ऊपर हर यूनिट अपना योगदान मुनाफे में जोड़ती है।
आपके ब्राउज़र में चलता है। आप जो भी डालते हैं, वह न हमें भेजा जाता है और न हमारे सर्वर पर सेव होता है।
ब्रेक-ईवन कैलकुलेटर कैसे इस्तेमाल करें
- एक महीने के फिक्स्ड खर्च डालें: किराया, सैलरी, बिजली, लोन की EMI वगैरह।
- एक यूनिट का बिक्री दाम डालें।
- एक यूनिट की वेरिएबल लागत डालें: खरीद या बनाने की लागत, पैकिंग, डिलीवरी, कमीशन।
- चाहें तो अनुमानित बिक्री या टारगेट मुनाफा भी डालें।
- ब्रेक-ईवन यूनिट, बिक्री की रकम और हर दिन ज़रूरी यूनिट देखें।
ब्रेक-ईवन का फॉर्मूला
ब्रेक-ईवन यूनिट = फिक्स्ड खर्च ÷ (बिक्री दाम − हर यूनिट की वेरिएबल लागत)। हर बिक्री से वेरिएबल लागत निकालने के बाद जो बचता है, वह कंट्रीब्यूशन है। ₹50,000 फिक्स्ड खर्च और हर यूनिट पर ₹100 कंट्रीब्यूशन हो, तो ब्रेक-ईवन के लिए 500 यूनिट बेचनी होंगी।
फैसलों में इसका इस्तेमाल
दाम, सप्लायर का रेट या किराया बदलकर देखें कि ब्रेक-ईवन कैसे बदलता है। दाम थोड़ा बढ़ाने या वेरिएबल लागत कम करने से अक्सर ब्रेक-ईवन उम्मीद से कहीं ज़्यादा घट जाता है। अगर आप कई आइटम बेचते हैं, तो औसत दाम और औसत वेरिएबल लागत इस्तेमाल करें।
लोग जो सवाल पूछते हैं
फिक्स्ड खर्च में क्या आता है?
वे खर्च जो महीने में कितना भी बिके, उतने ही रहते हैं: दुकान का किराया, स्टाफ की सैलरी, बिजली का फिक्स्ड चार्ज, इंटरनेट, सॉफ्टवेयर सब्सक्रिप्शन, लोन की EMI और अपना घर-खर्च, अगर आप उसे भी निकालना चाहते हैं।
वेरिएबल लागत क्या है?
वह खर्च जो हर बिकी यूनिट के साथ बढ़ता है: खरीद या कच्चे माल की लागत, पैकिंग, डिलीवरी, पेमेंट गेटवे या मार्केटप्लेस का कमीशन।
मार्जिन ऑफ सेफ्टी क्या है?
आपकी अनुमानित बिक्री ब्रेक-ईवन से कितनी ऊपर है, अनुमानित बिक्री के % में। 30% मार्जिन ऑफ सेफ्टी का मतलब है कि घाटा शुरू होने से पहले बिक्री 30% तक गिर सकती है।
दाम GST के साथ इस्तेमाल करूं या बिना GST के?
अगर आप आम GST रजिस्टर्ड बिज़नेस हैं, तो बिना GST वाले दाम इस्तेमाल करें, क्योंकि जो GST आप लेते हैं वह आपकी कमाई नहीं है।