पेमेंट रसीद मेकर
जब भी ग्राहक पेमेंट करे, सही रसीद दें – शब्दों में रकम, पेमेंट का तरीका, चेक या UPI रेफरेंस और आपके साइन के साथ – और उसे प्रिंट करें या PDF में सेव करें।
PDF पाने के लिए प्रिंट / PDF में सेव करें पर क्लिक करें और प्रिंटर में “Save as PDF” चुनें। मार्जिन “None” या “Default” रखें और अगर ब्राउज़र हेडर और फुटर दिखाता है तो उन्हें बंद कर दें।
आपके ब्राउज़र में चलता है। आप जो भी डालते हैं, वह न हमें भेजा जाता है और न हमारे सर्वर पर सेव होता है।
पेमेंट रसीद मेकर कैसे इस्तेमाल करें
- अपने बिज़नेस का नाम और पता एक बार डालें। ये इस डिवाइस पर याद रखे जाते हैं।
- रसीद नंबर, तारीख, किसने पेमेंट किया और रकम भरें। शब्दों में रकम अपने आप लिख दी जाती है।
- पेमेंट का तरीका चुनें और चाहें तो चेक या UPI रेफरेंस जोड़ें।
- A4 या आधा A4 चुनें, फिर प्रिंट / PDF में सेव करें पर क्लिक करें।
पेमेंट रसीद कब देनी चाहिए?
जब भी आपको पैसे मिलें – थोड़ा पेमेंट, एडवांस या पूरे बिल की रकम – रसीद दोनों तरफ के लिए सबूत है कि पेमेंट हुआ, कैसे हुआ और किस इनवॉइस के बदले हुआ। इससे बाद में उधार या बकाया बैलेंस निपटाते समय झगड़े नहीं होते।
क्या पेमेंट रसीद और इनवॉइस एक ही हैं?
नहीं। इनवॉइस माल या सेवाओं के लिए पेमेंट मांगता है; रसीद पक्का करती है कि पैसे मिल गए। यह आसान रसीद GST टैक्स इनवॉइस नहीं है। अगर आप GST में रजिस्टर्ड हैं, तो सप्लाई के लिए टैक्स इनवॉइस फिर भी बनाना होगा।
लोग जो सवाल पूछते हैं
क्या यह रसीद मेकर फ्री है?
हां। कोई साइनअप नहीं और कोई लिमिट नहीं। रसीद आपके ब्राउज़र में बनती है और आप जो टाइप करते हैं वह हमें नहीं भेजा जाता।
रसीद को PDF में कैसे सेव करें?
प्रिंट / PDF में सेव करें पर क्लिक करें और प्रिंटर में Save as PDF चुनें। फोन पर प्रिंट स्क्रीन में Save as PDF या Share विकल्प इस्तेमाल करें।
क्या रसीद पर रेवेन्यू स्टैम्प ज़रूरी है?
भारतीय स्टाम्प एक्ट के तहत ₹5,000 से ज़्यादा की रसीद पर आमतौर पर रेवेन्यू स्टैम्प चाहिए, खासकर जब पेमेंट नकद हो। चेक, UPI या बैंक ट्रांसफर से हुए पेमेंट का अपना रिकॉर्ड रहता है। रकम बड़ी हो तो अपने ऊपर लागू नियम चेक कर लें।
क्या मैं अपना लोगो और साइन जोड़ सकता हूं?
हां। लोगो और साइन की इमेज अपलोड करें। ये सिर्फ इसी डिवाइस पर रखी जाती हैं।
क्या मैं हर रसीद का रिकॉर्ड रख सकता हूं?
यह टूल रसीदें सेव नहीं करता। Vyapar जैसा बिलिंग सॉफ्टवेयर हर ग्राहक के खाते में पेमेंट दर्ज करता है, ताकि आपको हमेशा पता रहे कि किस पर कितना बाकी है।