सैलरी स्लिप जनरेटर
अपने स्टाफ के लिए साफ, प्रिंट होने वाली सैलरी स्लिप बनाएं – बेसिक, HRA और अलाउंस, PF, ESI, प्रोफेशनल टैक्स और TDS की कटौतियां, और शब्दों में नेट सैलरी के साथ।
PDF पाने के लिए प्रिंट / PDF में सेव करें पर क्लिक करें और प्रिंटर में “Save as PDF” चुनें। मार्जिन “None” या “Default” रखें और अगर ब्राउज़र हेडर और फुटर दिखाता है तो उन्हें बंद कर दें।
आपके ब्राउज़र में चलता है। आप जो भी डालते हैं, वह न हमें भेजा जाता है और न हमारे सर्वर पर सेव होता है।
सैलरी स्लिप जनरेटर कैसे इस्तेमाल करें
- अपनी कंपनी का नाम और पता डालें, और अगर लोगो है तो अपलोड करें।
- कर्मचारी का नाम, ID, पद, PAN और बैंक खाते के आखिरी 4 अंक भरें।
- सैलरी का महीना और पेड दिन चुनें। अगर रकम पूरे महीने की है और बिना वेतन वाले दिनों के हिसाब से कम होनी चाहिए, तो बॉक्स पर टिक करें।
- कमाई और कटौतियां बदलें, या अपनी लाइनें जोड़ें। टाइप करते-करते टोटल और नेट सैलरी अपडेट होते हैं।
- स्लिप प्रिंट या शेयर करने के लिए प्रिंट / PDF में सेव करें पर क्लिक करें।
सैलरी स्लिप में क्या-क्या होना चाहिए?
एम्प्लॉयर का नाम, कर्मचारी का नाम, ID और पद, महीना, पेड दिन, हर कमाई (बेसिक, HRA, अलाउंस), हर कटौती (PF, ESI, प्रोफेशनल टैक्स, TDS), कुल कमाई, कुल कटौती और नेट सैलरी। कर्मचारी इसे लोन, किराये और वीज़ा आवेदन के लिए आमदनी के सबूत के रूप में इस्तेमाल करते हैं।
पेड दिन कैसे गिने जाते हैं?
पेड दिन = महीने के दिन − बिना वेतन वाली छुट्टी (लॉस ऑफ पे)। अगर आप बॉक्स पर टिक करते हैं, तो हर कमाई उसी अनुपात में कम हो जाती है, जैसे 30 दिन के महीने में 28 पेड दिन हों तो हर रकम का 28/30। कटौतियां बिल्कुल वैसी ही ली जाती हैं जैसी आप डालते हैं।
लोग जो सवाल पूछते हैं
PF कैसे निकाला जाता है?
कर्मचारी का PF आमतौर पर बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते (DA) का 12% होता है; कई एम्प्लॉयर इसे ₹15,000 महीने की वेतन सीमा पर लगाते हैं। अपने संस्थान पर लागू नियम चेक करें और जो रकम आप सच में काटते हैं, वही डालें।
क्या हर कर्मचारी पर ESI और प्रोफेशनल टैक्स लगता है?
नहीं। ESI सिर्फ ESI के दायरे वाले संस्थानों में वेतन सीमा से कम कमाने वाले कर्मचारियों पर लगता है, और प्रोफेशनल टैक्स राज्य और सैलरी पर निर्भर करता है। किसी कटौती को 0 छोड़ दें, तो वह प्रिंट नहीं होगी।
क्या बैंक यह सैलरी स्लिप मानते हैं?
बैंक और मकान मालिक आमतौर पर कंपनी के लेटरहेड पर साइन या मुहर वाली सैलरी स्लिप मानते हैं, अक्सर सैलरी जमा होने वाले बैंक स्टेटमेंट के साथ।
क्या कर्मचारी का डेटा कहीं अपलोड होता है?
नहीं। स्लिप आपके ब्राउज़र में बनती है। कंपनी की डिटेल्स और सैलरी का ढांचा सिर्फ इसी डिवाइस पर याद रखे जाते हैं, इसलिए अगले महीने आपको बस महीना और दिन बदलने हैं।